संतुलित आहार किसे कहते हैं। Balanced Diet in Hindi

संतुलित आहार क्या हे?

शरीर को  स्वस्थ और निरोग रखने केलिए हमे रोजाना संतुलित आहार का सेवन करना अत्यंत जरूरी होता हे। इसीलिए संतुलित आहार किसे कहते हैं, आईए पहले सीखें। 

संतुलित आहार वही होता हे जिसमे  हमारी शरीर की आवश्यकता के मुताबिक सभी पोषण तव मौजूद होती हेसरीर की बिकाश औ सही रखरखाव केलिए संतुलित आहार  अत्यंत उपयोगी होता हेसंतुलित आहार वो आहार  हे जिसमे सभी प्रकार के  पोषण तव सही मात्रा मे हो।  ना कुछ ज्यादा ना कुछ कम । 

साधारण आहार से पेट तो भर जाता हे, पर उससे हमको शरीर का बिकाश केलिए जरूरी nutrients नहीं मिलते। इसीलिए संतुलित आहार का चुनाव जरूरी हो जाता हे ।

 

संतुलित आहार का महत्व

मनुष्य शरीर स्वस्थ और निरोग रहने केलिए जीतने भी पोषक तत्व चाहिए होता हे, संतुलित आहार मे वो सबकुछ होता हे। संतुलित आहार न खाने से शरीर को अनेक बीमारी, संक्रमण तथा थकान का सामना करना पड़ सकता हे।

जो  बच्चे संतुलित आहार से बँचित रहते हे, उन्मे शारीरिक तथा मानशीक बिकाश होने की संभावना कम होता हे। इसीलिए ऐसे बच्चे जल्दी संक्रमण का शिकार हो जाते हें।

अच्छा आहार के साथ साथ हमे रोजाना शरीरिक व्यायाम भी करनी चाहिए। रोजाना व्यायाम नकरने  से मोटोपा, उच्च रक्त चाप तथा अन्य हृदरोग होने की सभावना बढ़ जाती हे। व्यायाम करने से हजम करने की क्षमता अछि  रहती हे और शरीर स्वस्थ रहता हे।

संतुलित आहार क्यूँ जरूरी हे

संतुलित आहार के तत्व 

सभी जरूरी तत्व सही मात्रा और अनुपात मे संतुलित भोजन मे मौजूद होता हे। जिससे हमारी शरीर का सम्पूर्ण विकाश होता हे। संतुलित आहार किसे कहते हैं  यह जानने केलिए उसमे मौजूद तत्व का ज्ञान होना बहुत जरूरी है। 

संतुलित आहार के 7 मुख्य पोषक तत्व नीचे दर्शाये गए हैं।  

  • कार्बोहाइड्रट (Carbohydrate) 
  • विटामिन (Vitamin) 
  • खनिज पदार्थ (Minerals) 
  • वसा (Fat)
  • प्रोटीन (Protein) 
  • फ़ाइबर (Fibre) 
  • जल (Water) 

कार्बोहाइड्रेट क्या है 

रोजाना शारीरिक एबम मानसिक काम करने केलिए शरीर को ऊर्जा की जरूरत होता हेयह ऊर्जा मुख्य रूपसे हमारी शरीर को कार्बोहाइड्रट से प्राप्त होती हे। एक सामान्य मनुष्य के रोजाना की खाद्य पदार्थ मे 60 प्रतिशत कार्बोहाइड्रट होनी चाहिएचावलगेहूंआलूकेलामक्काजई इत्यादि मे कार्बोहाइड्रट प्रचुर मात्रा मे होता हे। 

विटामिन क्या हे और इसके कार्य  

विटामिन एक जैविक मिश्रण हे जो प्राकृतिक खाद्य पदार्थ मे होती हे। मनुष्य को बिभिन्न रोगों से लड़ने केलीये यह सहायक हेविटामिन शरीर के सारे अंग को स्वस्थ और निरोग रखता हे

विटामिन कई तरीके की होते हैं। कुछ vitamin  ईश प्रकार के हेविटामिन-A, विटामिनB, विटामिन-C और विटामिनD, विटामिन-E, विटामिनK, विटामिन – Bकॉम्प्लेक्स इत्यादि

विटामिन अलग अलग खाद्य पदार्थ मे कम मात्रा होता हेमुख्य रूपसे हरी सब्जियांफलदूधमक्खनमाँसमछली इत्यादि विटामिन के अछे स्रोत हे

विटामिन की कमी से कई प्रकार के रोग हो सकता हे। इसलिए संतुलित आहार मे विटामिन युक्त खाद्य का सेवन करना बहुत जरूरी हे

विटामिन की पूर्ति केलिए आजकल multivitamin टैबलेट लेना आम बात हो गई हेपर विटामिन को प्राकृतिक खाद्य यानि हरी सब्जीफल आदि से लेना बेहतर होता हे।  

मिनेरल्स क्या हे  

खाद्य मे मिलने वाला मिनेरल्स अजैविक पदार्थ होता हे जो मनुष्य शरीर की विकाश और अछे स्वास्थ्य केलिए बहुत जरूरी होता हे। खाद्य पदार्थों से ऊर्जा निकालने मे यह सहायक होता हे। भले ही शरीर को मिनेरल्स कम मात्रा मे आवश्यक हे, पर इसकी कमी से कई रोग हो शकते हे।

मिनेरल्स के कुछ उदाहरण हें – Iron, iodine, calcium, phosphorous, sodium, potassium, magnesium इत्यादि। प्रत्येक मिनेरल एक मनुष्य केलिए विशेष मात्रा मे आवश्यक होता हे।

कुछ मिनेरल्स के मुख्य स्रोत :-

  • Iron : पालक, हरी पत्ते वाली सवजियाँ, माँस, अंडा, dried fruits इत्यादि
  • Calcium : दूध, अंडा, बादाम, पपीता, गाजर इत्यादि
  • Iodine : iodine युक्त नमक, समुद्री मछली, केंकड़े, अदरख इत्यादि
  • Potasium : अनानास, एप्पल, संतरा, पपीता, केला, नींबू, टमाटर, खीरा इत्यादि

वसा क्या हे  

Balanced diet की एक मुख्य तत्व वसा (फैट) हे। वसा कार्बोहाइड्रट की तुलना मे ज्यादा ऊर्जा प्रदान करती हे। मनुष्य शरीर को विटामिन अवशोषित करने मे भी वसा मदत करता हे। शरीर तापमान को भी वसा नियंत्रित रखता हे।

यह मुख्यतः दो प्रकार के हे। सैचुरेटेड फैट (संतृप्त वसा) और अनसैचुरेटेड फैट (असंतृप्त वसा)। मनुष्य शरीर तथा खास करके हृदय केलिए अनसैचुरेटेड फैट बेहतर होता हे।

माँस, मछली, दूध और इसके प्रोडक्ट, बादाम, मुफली इत्यादि से हमे अच्छा वसा यानि फैट मिलता हे।

प्रोटीन के महत्व  

यह एमिनो एसिड से बना एक जटिल पदार्थ हे। शरीर की निर्माण मे प्रोटीन सबसे महत्वपूर्ण हे। इसीलिए प्रोटीन को शरीर निर्माण खाद्य ( body  building food ) भी कहा जाता हे।

प्रोटीन शरीर मे नई कोशिका निर्माण करता हे तथा पुरानी कोशिकायों की मरमत करता हे। मुख्यतः मनुष्य शरीर की स्किन, हेयर, मसल्स, हड्डी की बिकाश मे प्रोटीन की भूमिका महत्वपूर्ण हे। इसलिए प्रोटीन की आवश्यकता सबसे ज्यादा छोटे बचों और गर्भवती महिला को होती हे।

माँस , मच्छलि , यंदा , दूध , बादाम , पनीर , सोयाबीन , मटर , दाल इत्यादि खाद्य प्रोटीन के स्रोत हे ।

फ़ाइबर क्या हे  

यह एक प्रकार का कार्बोहाइड्रट हे जिसको मनुष्य शरीर हजम नहीं कर पाता। मगर यह शरीर की पाचन प्रक्रिया केलिए सहायक हे। रोजाना फ़ाइबर युक्त आहार लेने से पाचन तंत्र फिट रेहता हे तथा खाने केलिए भूक बनी रेहती हे। यह मनुष्य शरीर की ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखता हे।

मुख्यतः प्लांट प्रोडक्ट फ़ाइबर के स्रोत हे। जैसे की साबुत अनाज, दाल, आलू, ताजे फल और सब्जियां, बादाम इत्यादि।

संतुलित आहार मे जल की भूमिका  

एक संतुलित आहार जल के बिना पूरी नहीं हो सक्ति। जल जीवन होती हे। जल बाकी सारे nutrients अथवा तत्वों को खाद्य पदार्थ से अवशोषित करने मे मदद करता हे। जल की सहायता से  मनुष्य  शरीर से बेकार वस्तु मूत्र और पसीना के जरिए निस्कासित हो जाते हे।

रोजाना एक ऐडल्ट को कम से कम 8 से 10 ग्लास पानी पीना चाहिए।

निष्कर्ष:

शरीर का सही बिकाश और रखरखाव केलिए रोजाना आहार मे सारे तत्व (nutrients) सही मात्रा मे होनी चाहिए। संतुलित आहार के अंतर्गत हमे अपना रोजाना आहार मे पर्याप्त जल और फाइबर लेना चाहिए। स्वस्थ रहने केलिए ‘संतुलित आहार किसे कहते हैं’ यह जानना पहला कदम हे।

ध्यान रखें की उम्र के अनुसार संतुलित आहार का सभी nutrients की मात्रा भिन्न होता है। केवल अच्छा भोजन खाना पर्याप्त नहीं हे। खाने को सही तरीके से पकाना भी अत्यंत आवश्यक हे।  और रोजाना व्यायाम करना ना भूलें। 

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